नमस्कार ,
मैं संजय शुभांकर , एक
लम्बे अंतराल के बाद .. हाज़िर हूँ फिर से .. किस्सों कहानियों का पिटारा लेकर, आपके अपने चैनल स्टोरी प्लानेट पर ,
दोस्तों
कोरोना काल के इस लम्बे और निराशा जनक माहौल से उबरने के लिए हम सभी को उन चंद
लम्हों की दरकार है, जो हमें कुछ देर को ही सही
.., इस मानसिक तनाव से मुक्ति दिला सके ।
तो मेरी किस्सा
गोई को पसंद करने वाले बहुत से चाहने वालों के इसरार पर मैं संजो लाया हूँ ऐसे चंद
लम्हें .. किस्सों-कहानियों की शक्ल में ।
इस बार हाज़िर हूँ, लघुकथाओं के साथ ।
तो बस नीचे दिए गए लिंक को क्लिक करें .., और आनन्द लें लघु कथाओं का !
इस सीरीज़ की पहली कडी में सुनें .. "मीनाक्षी ठाकुर" जी की 3 लघुकथाऐं ।
1) माँ जैसी 2) फ़िफ़्टी-फ़िफ़्टी 3) बेशकीमती
।
कहानियां
पसंद आऐं और मेरी कोशिश दिल को भाऐ, तो
अपनें मित्र/परिचित और परिवार वालों तक
इन्हें पहुँचाऐं , ताकि वो सब भी अपने मानसिक तनाव को झटक कर थोडा रिलैक्स हो
सकें ।